Saturday, August 7, 2021

8 HINDI 2021-2022

 R/33                                                          
 25/01/2022, 27/01/2022, 01/02/2022 
वर्ग -अष्टम
विषय - हिन्दी
पाठ का नाम - भेड़े और भेड़िये
पाठ प्रवेश - प्रस्तुत पाठ हिंदी के प्रसिद्ध कहानीकार निबंधकार हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित एक बोध कथा है । इसमें समाज के धनी समृद्ध एवं अमानवीय लोगों को भेड़िया तथा गरीब लाचार बेसहारा लोगों को  भेड़ द्वारा प्रदर्शित कर लेखक ने धनी व समृद्ध लोगों पर व्यंग कसा है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 बूढ़े सियार ने ध्यान मग्न होकर भेड़िए से क्या कहा?
प्रश्न 2 बूढ़े सियार ने भेड़िए से किन तीन बातों को ध्यान में रखने को कहा?
प्रश्न 3 पंचायत में भेड़ों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिनिधि कौन बने  ?
प्रश्न 4 पंचायत में भेड़ों ने किसे और क्यों चुना ?
प्रश्न 5 पंचायत में भेड़ियोने भेड़ों की भलाई के लिए पहला कानून क्या बनाया ?

 R/32                                                          
 11/01/2022, 03/01/2022, 18/01/2022, 20/01/2022 
वर्ग -अष्टम
विषय - हिन्दी
पाठ का नाम - ममता
पाठ प्रवेश - प्रस्तुत पाठ में एक किशोरी के धर्म पर अडिग रहने अतिथि सत्कार करने तथा लोभ व लालच ना करने संबंधी नैतिक मूल्यों पर सुंदर प्रकाश डाला गया है ।वास्तव में दृढ़ निश्चय व्यक्ति अपने लक्ष्य में सफल होते हैं तथा धर्म तथा नैतिकता संबंधी कर्तव्यों का पालन करते हैं।
क. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें
प्रश्न 1. ममता कौन थी ?सब तरह के सुख होते हुए भी उसे क्या दुख था?
प्रश्न 2. उपहार के संबंध में ममता तथा चूड़ामणि की सोच में क्या अंतर था?
प्रश्न 3. ममता ने उस अनजान व्यक्ति को आश्रय देने में आनाकानी क्यों की?
प्रश्न 4 खंडहरों में छिपी ममता और अधिक भयभीत क्यों उठी ?
प्रश्न 5 किशोरी का पाठ क्यों रुक गया ?

ख. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें -
1. विभूति
2. मृगदाव
3. सचेष्ट
4. अनुचर
5. प्रकोष्ठ
6. दुहिता
7. प्रवेश
8. निराश्रित
9. आयोजन
10. अश्व

 R/31                                                          
 20/12/2021, 21/12/2021 
वर्ग-अष्टम
विषय-हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- संबंधबोधक अव्यय
पाठ प्रवेश- संबंधबोधक अव्यय पद होते हैं जो कि संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य में आए अन्य शब्दों के साथ संबंध बताते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 संबंधबोधक अव्यय की परिभाषा दीजिए।
प्रश्न 2 प्रयोग की दृष्टि से संबंधबोधक कितने प्रकार के होते हैं?
प्रश्न 3 संबंधबोधक अव्यय तथा क्रिया विशेषण में अंतर लिखिए।

 R/30                                                          
 06/12/2021, 07/12/2021, 09/12/2021 
वर्ग-अष्टम
विषय -हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - क्रिया विशेषण
पाठ प्रवेश- जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
प्रश्न 2 क्रिया विशेषण के मुख्यतः कितने भेद होते हैं? उनके नाम लिखिए।
प्रश्न 3 विशेषण और क्रिया विशेषण में सोदाहरण अंतर बताइए।

 R/29                                                          
 29/11/2021, 30/11/2021, 02/12/2021, 03/12/2021 
वर्ग -अष्टम
विषय-हिन्दी
पाठ का नाम -अमीरी और गरीबी
पाठ प्रवेश -प्रस्तुत निबंध के माध्यम से महात्मा गांधी ने अमीरी और गरीबी की खाई को पाटने का सुंदर प्रयत्न किया है। गांधी जी ने मानवता को सर्वोच्च बताते हुए लोगों से आह्वान किया है कि वे गरीबी अमीरी की असमानता को भूलकर परस्पर सहयोग करने की सीख ले।
ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 महात्मा गांधी ने अनेक देशवासियों को क्या कहते सुना? उन्होंने उच्च विचार पर अपनी सहमति क्या कहकर प्रकट की?
प्रश्न 2 लेखक ने आत्मा को कैसा बताया है?
प्रश्न 3 लेखक ने अमीरों को कमाने के लिए क्या राय दी है?
प्रश्न 4 भारत भूमि पर बने महलों का रहस्य बापू के दृष्टिकोण से स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 5 अहिंसा का सहारा लेने वालों के लिए सबसे उत्तम मंत्र क्या है?

 R/28                                                          
 22/11/2021, 23/11/2021, 25/11/2021, 26/11/2021 
वर्ग-अष्टम
विषय - हिंदी व्याकरण
पाठ का नाम -काल
पाठ प्रवेश जिस रूप से क्रिया के होने के समय का बोध हो काल कहलाता हैं।
ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 काल किसे कहते हैं ?इसके कितने भेद होते हैं ?नाम लिखिए।
प्रश्न 2 वर्तमान काल की उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए।
प्रश्न 3 वर्तमान काल कितने प्रकार का होता है ?उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
प्रश्न 4 भूतकाल किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

 R/27                                                          
 12/11/2021, 16/11/2021, 17/11/2021, 18/11/2021 
वर्ग -अष्टम
विषय -हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - क्रिया
पाठ प्रवेश जिन शब्दों से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है क्रिया कहलाते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 सकर्मक क्रिया के उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए?
प्रश्न 2 अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?सोदाहरण समझाइए।
प्रश्न 3 सकर्मक तथा अकर्मक क्रिया में उदाहरण सहित अंतर बताइए
प्रश्न 4 पूर्वकालिक क्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरणों द्वारा समझाइए।

 R/26                                                          
 01/11/2021, 02/11/2021, 03/11/2021 
विषय -हिंदी
पाठ का नाम- पूर्व राष्ट्रपति डॉ ०ए०पी० जे० अब्दुल कलाम

पाठ प्रवेश- प्रस्तुत पाठ में डॉक्टर ए ०पी ०जे० अब्दुल कलाम के विषय में वर्णन किया गया है ।उनका परिश्रम योग्यता एवं विद्वता सबको प्रेरणा देती है। विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दे
प्रश्न 1कलाम मैं कैसा माहौल तैयार करने को कहा था?
प्रश्न 2 परमाणु ऊर्जा के प्रयोग के लिए कलाम ने क्या बताया?
प्रश्न 3 डरबन में कलाम ने कैसी सहायता की ?
प्रश्न 4 डॉक्टर कलाम ने और कौन-कौन से पदों को सुशोभित किया था?

निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. वैभव
2. कौशल
3. साहित्यकारो
4. नवीनीकरण
5. छत्रछाया
6. आकर्षक
7. उपकरण
8. दृष्टिकोण
9. सुधारकों
10. आत्मनिर्भर
इस पाठ को अच्छे से समझने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को पूरा देखे

 R/25                                                          
 26/10/2021, 27/10/2021, 28/10/2021, 29/10/2021 
विषय-हिन्दी 
पाठ का नाम- बेरोजगारी का दंश

पाठ प्रवेश- श्री त्रिलोक कौशिक द्वारा लिखित निबंध में बेरोजगारी के कारण व समाधान को सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया है। आज के युग में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है ।इसका समाधान सरकार तथा जनता दोनों के सहयोग से ही हो सकता है ।आज की बढ़ती जनसंख्या बेरोजगारी का प्रमुख कारण है अतः जनसंख्या वृद्धि रोककर बेरोजगारी की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 बढ़ती आबादी की कौन-कौन सी आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पाती?
प्रश्न 2 सरकार का क्या कार्य है और इसके लिए क्या जरूरी है?
प्रश्न 3 शहर में आए बाहरी लोगों के सामने क्या समस्याएं हैं?
प्रश्न 4 ग्रामीण समाज किसका पर्याय बनता जा रहा है?

निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. मूलभूत
2. वैचारिक
3. चारित्रिक
4. अराजकता
5. पुश्तैनी
6. कारोबार
7. आशान्वित
8. संकट
9. परिदृश्य
10. नियामक

 R/24                                                          
 18/10/2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- विशेषण
पाठ प्रवेश- जो शब्दों किसी संज्ञा व सर्वनाम की विशेषता प्रकट करते हैं विशेषण कहलाते हैं।
ASSIGNMENT-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 विशेषण की उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए।
प्रश्न 2 विशेषण कितने प्रकार के होते हैं ? संक्षेप में लिखें।
प्रश्न 3 परिमाणवाचक विशेषण के कुछ उदाहरण दीजिए।
प्रश्न 4 विशेषण कितने प्रकार के होते हैं ? नाम लिखिए।

सही कथन पर (√) तथा गलत कथन पर (×) का चिन्ह लगाइए    ।
क. विशेषण की अवस्थाएं पाॅच प्रकार की होती है।
ख. आवृत्ति बोधक में संख्या के गुणन का बोध होता है।
ग. जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करते हैं क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
घ. विशेषण शब्द की विशेषता बताते हैं उन्हें संज्ञा कहते हैं।
ड० विशेषण के 6 भेद होते हैं।

 R/23                                                          
 04/10/2021, 05/10/2021, 06/10/2021, 07/10/2021, 08/10/2021 
विषय -हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - शब्द विचार

शब्द की उत्पत्ति वर्णों से होती है दो या दो से अधिक वर्णों के मिलाने से शब्द बन जाता है कभी-कभी तो बदलो के मिलाने से ऐसा संयोग होता है कि उसका कुछ ना कुछ अर्थ होता है परंतु कभी-कभी इन का अर्थ स्पष्ट नहीं होता वर्णों के मेल को ही शब्द कहा जाता है।

शब्द के भेद - शब्द मुख्यता चार प्रकार के होते हैं।
1. अर्थ की दृष्टि से
2. व्युत्पत्ति की दृष्टि से
3. भाषा की दृष्टि से
4. प्रयोग एवं व्याकरण की दृष्टि से

अर्थ की दृष्टि से शब्द दो प्रकार के होते हैं।
1. सार्थक शब्द
2. निरर्थक शब्द

व्युत्पत्ति की दृष्टि से शब्द तीन प्रकार के होते हैं।
1. रूढ़ शब्द
2. योगक शब्द
3. योगरूढ़ शब्द

भाषा की दृष्टि से शब्द चार प्रकार के होते हैं।
1. तद्भव शब्द
2. तत्सम शब्द
3. देशज शब्द
4. विदेश सचिव
प्रयोग एवं व्याकरण की दृष्टि से शब्दों को दो भागों में बांटा गया है।

ASSIGNMENT ÷
प्रश्न 1 शब्द की परिभाषा लिखें।
प्रश्न 2 व्युत्पत्ति के आधार पर शब्दों के कितने भेद हैं ?
प्रश्न 3 देशज और विदेशी शब्द में अंतर बताइए ।
प्रश्न 4 योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं ?
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 R/22                                                          
 29 / 09 / 2021, 30 / 09 / 2021, 01 / 10 / 2021 
विषय- हिन्दी
पाठ का नाम - अगर नाक न होती

पाठ प्रवेश- अगर नाक न होती पाठ के माध्यम से लेखक ने नाक के महत्व को दर्शाया है उन्होंने इस कहानी में नाक के अनेक मुहावरों के द्वारा  कहानी को एक रोचक रूप में प्रस्तुत किया है।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें -
प्रश्न 1 नाक से जुड़े तीन मुहावरे बताइए ।
प्रश्न 2 नाक की कोई दो अच्छाइयाँ बताइए ।
प्रश्न 3 नाक के दो प्रकार बताइए ।
प्रश्न 4 नाक पर  दो वाक्य लिखिए ।

 R/21                                                          
 24 / 09 / 2021, 28 / 09 / 2021 
विषय -हिन्दी
पाठ का नाम - अपराजिता

पाठ की व्याख्या
निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें 
1. विलक्षण
2. विच्छिन्न
3. विधाता
4. अभिशप्त
5. नतमस्तक
6. नियति
7. आघात
8. मेधावी
9. उत्फुल्ल
10. कण्ठगत

ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रश्न 1. पिछले महीने लेखिका ने किसे देखा ?
प्रश्न 2. लेखिका डॉक्टर चंद्रा की कहानी सुनकर दंग क्यों रह गई ?
प्रश्न 3. डॉक्टर चंद्रा लेखिका से क्या करने के लिए कहती थी ?
प्रश्न 4. डॉक्टर चंद्रा को डॉक्टरेट कब और किस विषय में मिली ?
प्रश्न 5. लेखिका ने पास वाली कोठी में कार से किसे उतरते देखा ?

 R/20                                                          
 23 / 09 / 2021 
CONTINUATION OF CH:- 10 
पाठ का नाम- पंच परमेश्वर

पाठ प्रवेश- मुंशी प्रेमचंद ने पंच परमेश्वर पाठ की कहानी में बताया है कि जो व्यक्ति न्याय के सर्वोच्च आसन पर बैठता है। वह सदैव सत्य का ही साथ देता है। इस कहानी के दोनों मित्रों के साथ भी यही हुआ। मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी न्यायप्रियता  निर्भीकता  तथा मानवीय संवेदना जैसे जीवन मूल्यों पर भी बल डालती दिखाई देती है।
ASSIGNMENT
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:-
    प्रश्न 1 खाला ने अलगू को ही अपना सरपंच क्यों बनाया?
    प्रश्न 2 अलगू तथा जुम्मन की मित्रता दुश्मनी में कैसे बदल गई?
    प्रश्न 3 अलगू चौधरी ने अपने बैल का क्या किया?
    प्रश्न 4 खाला पंचायत क्यों बुलाना चाहती थी?

ख. गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-
पंचों ने दोनों पक्षों से सवाल-जवाब किए। अंत में जुम्मन ने फैसला सुनाया अलगू चौधरी व समझू साहू पंचों ने तुम्हारे मामले पर अच्छी तरह विचार किया। समझू के लिए उचित है कि बैल का पूरा दाम दे। जिस समय उन्होंने बैल लिया उस वक्त उसे कोई बीमारी नहीं थी ।बैल की मृत्यु केवल इस कारण से हुई कि उससे बड़ा कठिन परिश्रम लिया गया और उसके दाने चारे का अच्छा प्रबंध न किया गया।

    प्रश्न 1 बैल के झगड़े का फैसला किस किस के बीच था?
    प्रश्न 2 समझू के लिए पंचों ने क्या फैसला सुनाया?
    प्रश्न 3 बैल की मृत्यु का क्या कारण था?

ग. निम्नलिखित शब्दों के शब्दार्थ लिखें:-
    1. मूलमंत्र
    2. खातिरदारी
    3. मनोविकार
    4. समावेश
    5. परामर्श

घ. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें:-
    1. धृष्टता
     2. बेबस
     3. शिकायत
     4. गंभीरता
     5. पंचायत
     6. कचहरी
     7. दुश्मन
     8. विश्वास
     9. खटपट
    10. संध्या
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                                                                    VIDEO 1

 R/19                                                          
 21 / 09 / 2021 
विषय - हिन्दी
पाठ का नाम - पंच परमेश्वर

पाठ प्रवेश - मुंशी प्रेमचंद ने पंच परमेश्वर पाठ की कहानी में बताया है कि जो व्यक्ति न्याय के सर्वोच्च आसन पर बैठता है। वह सदैव सत्य का ही साथ देता है। इस कहानी के दोनों मित्रों के साथ भी यही हुआ ।मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी न्यायप्रियता  निर्भीकता तथा मानवीय संवेदना जैसे जीवन मूल्यों पर भी बल डालती दिखाई देती है।
ASSIGNMENT
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
प्रश्न 1 खाला ने अलगू को ही अपना सरपंच क्यों बनाया?
प्रश्न 2 अलगू तथा जुम्मन की मित्रता दुश्मनी में कैसे बदल गई?
प्रश्न 3 अलगू चौधरी ने अपने बैल का क्या किया?
प्रश्न 4 खाला पंचायत क्यों बुलाना चाहती थी?

ख. गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
पंचों ने दोनों पक्षों से सवाल-जवाब किए ।अंत में जुम्मन ने फैसला सुनाया अलगू चौधरी व समझू साहू पंचों ने तुम्हारे मामले पर अच्छी तरह विचार किया। समझू के लिए उचित है कि बैल का पूरा दाम दे। जिस समय उन्होंने बैल लिया उस वक्त उसे कोई बीमारी नहीं थी ।बैल की मृत्यु केवल इस कारण से हुई कि उससे बड़ा कठिन परिश्रम लिया गया और उसके दाने चारे का अच्छा प्रबंध न किया गया।
प्रश्न 1 बैल के झगड़े का फैसला किस किस के बीच था?
प्रश्न 2 समझू के लिए पंचों ने क्या फैसला सुनाया?
प्रश्न 3 बैल की मृत्यु का क्या कारण था?

ग. निम्नलिखित शब्दों के शब्दार्थ लिखें
1. मूलमंत्र
2. खातिरदारी
3. मनोविकार
4. समावेश
5. परामर्श

घ. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. धृष्टता
2. बेबस
3. शिकायत
4. गंभीरता
5. पंचायत
6. कचहरी
7. दुश्मन
8. विश्वास
9. खटपट
10. संध्या
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 R/18                                                          
 14 / 09 / 2021,  16 / 09 / 2021  
विषय- हिन्दी
पाठ का नाम- शूरता

विषय प्रवेश- शूरता पाठ में लेखक ने साहसी व वीर पुरुषों में होने वाले अनिवार्य गुणों को तर्क सहित समझाया है। इन्होंने शूरता को परिभाषित करते हुए इसके महत्व का भी सुंदर वर्णन किया है ।लेखक किसी भी दिखावे पाखंड या झूठ को शूर व्यक्ति के अंदर नहीं देखना चाहते।
ASSIGNMENT-
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
प्रश्न 1 लेखक ने वीर की क्या परिभाषा बताई है?
प्रश्न 2 लेखक ने सत्य के बारे में क्या बताया है?
प्रश्न 3 लेखक ने युद्ध के वीरों के अतिरिक्त किस प्रकार के वीरों के उदाहरण दिए हैं?
प्रश्न 4 वीरता किन किन रूपों में प्रकट की जा सकती है?
प्रश्न 5 लेखक ने फ्रांस की किस वीरांगना का वर्णन किया है?

ख. निम्नलिखित शब्दों के शब्दार्थ लिखे -
1. सत्वगुण
2. अंतःकरण
3. निमग्न
4. अगम्य
5. हद
6. दुनियावी
7. शिकस्त
8. अरण्य
9. बुजदिली
10. क्षणिक

ग. निम्नलिखित वाक्यों के भाव स्पष्ट कीजिए-
क. दुनिया धर्म व अटल आध्यात्मिक नियमों पर टिकी है।
ख. अपने आप को हर घड़ी और हर पल से भी महान बनाने का नाम वीरता है।
घ. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. ऐश्वर्य
2. ईश्वरीय
3. प्रकृति
4. काफिर
5. शिकस्त
6. अभिव्यक्ति
7. बादशाह
8. कन्या
9. निमग्न
10. दर्शन

 R/17                                                          
 09 / 09 / 2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- पत्र लेखन एवं निबंध लेखन

पाठ प्रवेश- हमारे जीवन में पत्र लेखन का बड़ा महत्व है। पत्र मन के विचारों को प्रकट करने का सर्वोत्तम साधन है। पत्र लेखन आज के युग का महत्वपूर्ण साहित्यिक अंग बन गया है। निबंध लेखन -निबंध उस गध रचना को कहते हैं जिसमें किसी विषय के बारे में कुछ कहा जाता है। लिखित अभिव्यक्ति के विकास में निबंध लेखन का अत्यधिक महत्व है ।निबंध को गद्य की कसौटी माना गया है ।गध का उत्कृष्ट रूप निबंध में ही मिलता है।
ASSIGNMENT-
प्रश्न 1 पत्र लेखन से आप क्या समझते हैं?
प्रश्न 2 पत्र के संबोधन या प्रशस्ति के बारे में लिखिए।
प्रश्न 3 पत्र पर पता कहाॅ और कैसे डालना चाहिए?
प्रश्न 4 बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों के संबंध में संपादक को एक पत्र लिखिए।
प्रश्न 6 निबंध किसे कहते हैं?
प्रश्न 7 निबंध लिखते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
प्रश्न 8 निम्नलिखित विषयों पर निबंध लिखिए -
क . मेरा प्रिय नेता
ख . हमारी वन संपदा
ग . शिक्षक दिवस
घ . विद्यार्थी और अनुशासन
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 R/16                                                          
 07 / 09 / 2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- विराम चिह्न

विषय प्रवेश- किसी भी भाषा के सम्यक ज्ञान एवं सप्रयोगके लिए विराम चिन्हों की जानकारी अनिवार्य है ।यदि हम बिना विराम बोलते या लिखते चले जाएं, तो श्रोता या पाठक के लिए उस भाषा को समझना कठिन हो जाएगा ।अतः कथन को स्पष्ट शैली गतिमय और विचारों को सुबोध बनाने के लिए विराम चिन्हों का अभ्यास आवश्यक है।
ASSIGNMENT-
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
प्रश्न क पूर्ण विराम का प्रयोग कहाॅ पर होता है? उदाहरण देकर वर्णन कीजिए।
प्रश्न ख योजक और  अवतरण चिन्ह की उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए।
प्रश्न ग अवतरण चिन्ह का प्रयोग कहाॅ किया जाता है तीन उदाहरण दीजिए ।
प्रश्न घ विराम चिन्हों की क्या उपयोगिता है?
प्रश्न ड० अल्पविराम और अर्द्ध विराम  क्या अंतर है?

2. सही कथन पर (√ ) का तथा गलत कथन पर (×) का चिन्ह लगाइए।
क. वाक्य में कुछ सामान शब्दों को एक दूसरे से अलग करने के लिए अपूर्ण विराम चिन्ह लगाया जाता है। ( )
ख. वाक्य में आधी बात पूरी हो जाने पर  अर्द्ध विराम चिन्ह लगाया जाता है। ( )
ग. वाक्य में प्रश्न पूछे जाने पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगाया जाता है। ( )
घ. वाक्य में किसी शब्द की तुरंत व्याख्या करने के लिए लाघव चिन्ह लगाया जाता है।( )

3. निम्नलिखित विराम चिन्हों के नाम लिखें
(क) ।
(ख) ?
(ग) -
(घ) " "
(ड०) !
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 R/15                                                          
 02 / 09 / 2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- संज्ञा एवं सर्वनाम
पाठ प्रवेश- किसी वस्तु प्राणी भाव स्थान एवं अवस्था के नाम का बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
ASSIGNMENT-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
 प्रश्न 1 संज्ञा किसे कहते हैं?
 प्रश्न 2 सर्वनाम किसे कहते हैं?
 प्रश्न 3 पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?उसके भेदों को उदाहरण देकर स्पष्ट करें ?
 प्रश्न 4 जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
 प्रश्न 5 जातिवाचक संज्ञा का प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के रूप में कब किया जाता है ?उदाहरण सहित लिखिए।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. हिमालय______है।
2. सरदार पटेल ने भारत को गणतंत्र के रूप में संगठित किया में पटेल______संज्ञा है।
3. संज्ञा का अर्थ हैं_____।
4. गुण दशा और व्यापार का बोध कराने वाले संज्ञा शब्दों को_____ कहते हैं।
5. सर्वनाम के_____भेद होते हैं।

सही कथन पर (√) का तथा गलत कथन पर (×) का चिन्ह लगाइए।
1. किसी वस्तु प्राणी या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं। ( )
2. अधिकांश देशों के नाम जातिवाचक संज्ञा में होते हैं। ( )
3. नगर नदी देश शब्द जातिवाचक संज्ञा में हैं।            ( )
4. बुढ़ापा मिठास लघुता शब्द जातिवाचक संज्ञा में हैं।  ( )
5. सर्वनाम के आठ भेद होते हैं।                              ( )

निम्नलिखित सर्वनाम शब्दों से भाववाचक संज्ञा की रचना करें।
1. अपना -
2. निज -
3. अहं -
4. आप -
5. पराया

निम्नलिखित विशेषणो से भाववाचक संज्ञा की रचना करें।
1. मधुर-
2. विस्तृत-
3. चतुर-
4. सफल-
5. गुरू-
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 R/14                                                          
 31 / 08 / 2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- वाक्य रचनान्तरण 
पाठ प्रवेश- एक प्रकार के वाक्य को दूसरे प्रकार के वाक्य में परिवर्तित करना वाक्य रचनान्तरण कहलाता है।
ASSIGNMENT-
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
प्रश्न 1 वाक्य रचनान्तरण आप क्या समझते हैं?
प्रश्न 2 वाक्य रचनान्तरण कितने प्रकार से हो सकता है?
प्रश्न 3 वाक्य संकोचन द्वारा वाक्य रचनान्तरण कैसे होता है?
प्रश्न 4 वाक्य विस्तार से वाक्य रचनान्तरण किस प्रकार किया जाता है?

ख. निम्नलिखित वाक्यों की रचना में परिवर्तन करके रचनान्तरण कीजिए।
1. दोपहर के समय विश्राम करेंगे।
2. मैंने फिल्म देखी और सो गया।
3. इस कठिन प्रश्न को कोई हल नहीं कर सका।
4. तुलसी बचपन में अनाथ हो गए थे।

ग. निम्नलिखित वाक्यों का वाक्य परिवर्तित करके रचनान्तरण कीजिए।
1. बच्चे से रोया भी नहीं गया।
2. राम ने रावण को मारा।
3. रामायण वाल्मीकि द्वारा लिखी गई।
4. किशोर दिल्ली जाएगा।
5. बच्चों द्वारा गेंद खेली जाएगी।

घ. निम्नलिखित सरल वाक्य को मिश्र वाक्य में बदले।
1. मातृभूमि पर मर मिटने वाला व्यक्ति ही सच्चा देशभक्त होता है।
2. पिता के सामने बच्चे शांत रहते हैं।
3. अनिल पुस्तक खरीदने के लिए बाजार जाएगा।
4. रात को आकाश में तारों का मेला लग गया।
5. मीना संस्कृत पढ़ने के लिए शास्त्री जी के यहाॅ गई है।
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 R/13                                                          
 24 / 08 / 2021, 26 / 08 / 2021 
विषय- हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम- वाक्य विश्लेषण एवं वाक्य संश्लेषण

पाठ प्रवेश - वाक्य विश्लेषण के अंतर्गत किसी वाक्य के अंग प्रत्यंग को अलग-अलग करके उनके आपसी संबंधों को प्रकट करना ही वाक्य विश्लेषण कहलाता है ।इसे वाक्य विग्रह भी कहा जाता है एवं वाक्य संश्लेषण के अंतर्गत दो वाक्यों को जोड़कर एक नए वाक्य को बनाना वाक्य संश्लेषण कहलाता है।
ASSIGNMENT-
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
प्रश्न 1 वाक्य विश्लेषण से आप क्या समझते हैं?
प्रश्न 2 सरल वाक्य का विश्लेषण करते समय उसे किन दो भागों में विभाजित किया जाता है?
प्रश्न 3 विधेय के अंतर्गत कौन कौन से पद आते हैं?
प्रश्न 4 संयुक्त वाक्य का विश्लेषण किस प्रकार किया जाता है?

ख. निम्नलिखित वाक्यों का वाक्य संश्लेषण करें।
1. वह ईमानदारी में आस्था नहीं रखते। वे सब बेईमान हैं।
2. उस गायक की आवाज सुरीली थी ।यह वह गायक नहीं है।
3. वह कक्षा में प्रथम आया ।उसने पढ़ने में परिश्रम किया था।
4. मैं दिल्ली गया। मैं कानपुर गया। मैं वाराणसी गया।
5. वैभव दिल्ली गया। वह वहाॅ प्रधानमंत्री से मिला।

ग. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रश्न 1 वाक्य संश्लेषण क्या है?
प्रश्न 2 वाक्य संश्लेषण से कितने प्रकार के वाक्य बनते हैं?
प्रश्न 3 वाक्य संश्लेषण द्वारा सरल वाक्य किन के द्वारा बनाए जाते हैं?
प्रश्न 4 सरल वाक्य को संश्लेषित करके कितने प्रकार के मिश्रित वाक्य बनाए जा सकते हैं?

घ. निम्नलिखित वाक्यों का विश्लेषण कीजिए।
1. सूर्य अस्त हुआ और निशा ने अपने काले केश बिखरा दिए।
2. मुझे जो खरीदना था ,वह मैंने खरीद लिया।
3. मैंने एक सुंदर स्त्री देखी ,जो बड़ा सुरीला गाती थी।
4. आगरा का ताजमहल बहुत सुंदर और दर्शनीय है।
5. पुस्तक में एक कठिन प्रश्न था।
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 R/12                                                          
 10 / 08 / 2021 
विषय- हिन्दी
पाठ का नाम- प्रणति

पाठ प्रवेश- प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि श्री रामधारी सिंह दिनकर ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान होने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए बता रहे हैं कि यह शूरवीर किसी भी मुश्किल में घबराते नहीं थे तथा उनकी हुंकार से दिशाएं भी डोलने लगती थी।

कवि परिचय- दिनकर' जी का जन्म 24 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास राजनीति विज्ञान में बीए किया। उन्होंने संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू का गहन अध्ययन किया था। बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे एक विद्यालय में अध्यापक हो गये। १९३४ से १९४७ तक बिहार सरकार की सेवा में सब-रजिस्टार और प्रचार विभाग के उपनिदेशक पदों पर कार्य किया। १९५० से १९५२ तक मुजफ्फरपुर कालेज में हिन्दी के विभागाध्यक्ष रहे, भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति के पद पर कार्य किया और उसके बाद भारत सरकार के हिन्दी सलाहकार बने।

उन्हें पद्म विभूषण की उपाधि से भी अलंकृत किया गया। उनकी पुस्तक संस्कृति के चार अध्याय [3] के लिये साहित्य अकादमीपुरस्कार तथा उर्वशी के लिये भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। अपनी लेखनी के माध्यम से वह सदा अमर रहेंगे।

द्वापर युग की ऐतिहासिक घटना महाभारत पर आधारित उनके प्रबन्ध काव्य कुरुक्षेत्र को विश्व के १०० सर्वश्रेष्ठ काव्यों में ७४वाँ स्थान दिया गया।[4]

1947 में देश स्वाधीन हुआ और वह बिहार विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्रध्यापक व विभागाध्यक्ष नियुक्त होकर मुज़फ़्फ़रपुर पहुँचे। 1952 में जब भारत की प्रथम संसद का निर्माण हुआ, तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया और वह दिल्ली आ गए। दिनकर 12 वर्ष तक संसद-सदस्य रहे, बाद में उन्हें सन 1964 से 1965 ई. तक भागलपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया। लेकिन अगले ही वर्ष भारत सरकार ने उन्हें 1965 से 1971 ई. तक अपना हिन्दी सलाहकार नियुक्त किया और वह फिर दिल्ली लौट आए। फिर तो ज्वार उमरा और रेणुका, हुंकार, रसवंती और द्वंद्वगीत रचे गए। रेणुका और हुंकार की कुछ रचनाऐं यहाँ-वहाँ प्रकाश में आईं और अग्रेज़ प्रशासकों को समझते देर न लगी कि वे एक ग़लत आदमी को अपने तंत्र का अंग बना बैठे हैं और दिनकर की फ़ाइल तैयार होने लगी, बात-बात पर क़ैफ़ियत तलब होती और चेतावनियाँ मिला करतीं। चार वर्ष में बाईस बार उनका तबादला किया गया।रामधारी सिंह दिनकर स्वभाव से सौम्य और मृदुभाषी थे, लेकिन जब बात देश के हित-अहित की आती थी तो वह बेबाक टिप्पणी करने से कतराते नहीं थे। रामधारी सिंह दिनकर ने ये तीन पंक्तियां पंडित जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ संसद में सुनाई थी, जिससे देश में भूचाल मच गया था। दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा सदस्य के तौर पर दिनकर का चुनाव पंडित नेहरु ने ही किया था, इसके बावजूद नेहरू की नीतियों की मुखालफत करने से वे नहीं चूके।

देखने में देवता सदृश्य लगता है
बंद कमरे में बैठकर गलत हुक्म लिखता है।
जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा हो
समझो उसी ने हमें मारा है॥

1962 में चीन से हार के बाद संसद में दिनकर ने इस कविता का पाठ किया जिससे तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू का सिर झुक गया था. यह घटना आज भी भारतीय राजनीती के इतिहास की चुनिंदा क्रांतिकारी घटनाओं में से एक है.

रे रोक युद्धिष्ठिर को न यहां जाने दे उनको स्वर्गधीर
फिरा दे हमें गांडीव गदा लौटा दे अर्जुन भीम वीर॥[5]

इसी प्रकार एक बार तो उन्होंने भरी राज्यसभा में नेहरू की ओर इशारा करते हए कहा- "क्या आपने हिंदी को राष्ट्रभाषा इसलिए बनाया है, ताकि सोलह करोड़ हिंदीभाषियों को रोज अपशब्द सुनाए जा सकें?" यह सुनकर नेहरू सहित सभा में बैठे सभी लोगसन्न रह थे। किस्सा 20 जून 1962 का है। उस दिन दिनकर राज्यसभा में खड़े हुए और हिंदी के अपमान को लेकर बहुत सख्त स्वर में बोले। उन्होंने कहा-

देश में जब भी हिंदी को लेकर कोई बात होती है, तो देश के नेतागण ही नहीं बल्कि कथित बुद्धिजीवी भी हिंदी वालों को अपशब्द कहे बिना आगे नहीं बढ़ते। पता नहीं इस परिपाटी का आरम्भ किसने किया है, लेकिन मेरा ख्याल है कि इस परिपाटी को प्रेरणा प्रधानमंत्री से मिली है। पता नहीं, तेरह भाषाओं की क्या किस्मत है कि प्रधानमंत्री ने उनके बारे में कभी कुछ नहीं कहा, किन्तु हिंदी के बारे में उन्होंने आज तक कोई अच्छी बात नहीं कही। मैं और मेरा देश पूछना चाहते हैं कि क्या आपने हिंदी को राष्ट्रभाषा इसलिए बनाया था ताकि सोलह करोड़ हिंदीभाषियों को रोज अपशब्द सुनाएं? क्या आपको पता भी है कि इसका दुष्परिणाम कितना भयावह होगा?
यह सुनकर पूरी सभा सन्न रह गई। ठसाठस भरी सभा में भी गहरा सन्नाटा छा गया। यह मुर्दा-चुप्पी तोड़ते हुए दिनकर ने फिर कहा- 'मैं इस सभा और खासकर प्रधानमंत्री नेहरू से कहना चाहता हूं कि हिंदी की निंदा करना बंद किया जाए। हिंदी की निंदा से इस देश की आत्मा को गहरी चोट पहंचती है।'[6]
ASSIGNMENT-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दें-
प्रश्न 1 चिंगारी किन्होंने छिटकाई ?
प्रश्न 2 पुण्य वेदी पर चढ़ने वालों को ने किसका मोल नहीं लिया?
प्रश्न 3 दीपों के साथ क्या हुआ?
प्रश्न 4 धरती किससे सहमी हैं ?

लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 बिना गर्दन का मोल से कवि क्या कहना चाहता है?
प्रश्न 2 अंधा चकाचौंध का मारा से कवि ने किसकी ओर इशारा किया है?
प्रश्न 3 कविता के रचयिता कौन हैं?
प्रश्न 4 कविता का मूल भाव क्या है?

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 कवि ने सर्वप्रथम किन की जय बोलने के लिए कहा है और क्यों?
प्रश्न 2 कविता में गर्दन का मोल से क्या अभिप्राय है?
प्रश्न 3 कवि जल जल कर बुझ गए से क्या कहना चाहता है?
प्रश्न 4 सूर्य और चंद्रमा किनकी महिमा के साक्षी हैं?

निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें
1. छिटकाना
2. पुण्य-वेदी
3. अगणित
4. सिंहनाद
5. डोलना

निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. प्रतीक्षा
2. सिंहनाद
3. महिमा
4. इतिहास
5. खगोल
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 R/11                                                          
 03 / 08 / 2021, 05 / 08 / 2021 
विषय- हिन्दी
पाठ का नाम - जागरण गीत

पाठ प्रवेश- प्रस्तुत कविता के कवि सोहन लाल द्विवेदी जी ने बेखबर व असावधान पड़े लोगों को सोने के बदले जागने तथा पतन के रास्ते पर चलने के बदले प्रगति पथ पर चलने की प्रेरणा दी है ।कवि ने समझाया है कि कल्पना लोक में विचरण करने वाले लोगों को धरती की वास्तविकताओ को जानकर श्रम में सुख का अनुभव करना चाहिए।
कवि परिचय- सोहनलाल द्विवेदी
22 फरवरी सन् 1906 को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की तहसील बिन्दकी ग्राम सिजौली नामक स्थान पर जन्मे सोहनलाल द्विवेदी हिंदी काव्य-जगत की अमूल्य निधि थे। उन्होंने हिन्दी में एम॰ए॰ तथा संस्कृत का भी अध्ययन किया है। राष्ट्रीयता से संबन्धित कविताएँ लिखने वालो में इनका स्थान मूर्धन्य है। महात्मा गांधी पर इन्होंने कई भाव पूर्ण रचनाएँ लिखी है, जो हिन्दी जगत में अत्यन्त लोकप्रिय हुई हैं। इन्होंने गांधीवाद के भावतत्व को वाणी देने का सार्थक प्रयास किया है तथा अहिंसात्मक क्रान्ति के विद्रोह व सुधारवाद को अत्यन्त सरल सबल और सफल ढंग से काव्य बनाकर 'जन साहित्य' बनाने के लिए उसे मर्मस्पर्शी और मनोरम बना दिया है।

द्विवेदी जी पर लिखे गए एक लेख में अच्युतानंद मिश्र ने लिखा है-

“मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा नवीन, रामधारी सिंह दिनकर, रामवृक्ष बेनीपुरी या 
सोहनलाल द्विवेदी राष्ट्रीय नवजागरण के उत्प्रेरक ऐसे कवियों के नाम हैं, जिन्होंने अपने संकल्प और चिन्तन, त्याग और बलिदान के सहारे राष्ट्रीयता की अलख जगाकर, अपने पूरे युग को आन्दोलित किया था, गाँधी जी के पीछे देश की तरूणाई को खडा कर दिया था। सोहनलालजी उस श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी थे।

डॉ॰ हरिवंशराय ‘बच्चन’ ने एक बार लिखा था-

जहाँ तक मेरी स्मृति है, जिस कवि को राष्ट्रकवि के नाम से सर्वप्रथम अभिहित किया गया, वे सोहनलाल द्विवेदी थे। गाँधीजी पर केन्द्रित उनका गीत 'युगावतार' या उनकी
चर्चित कृति 'भैरवी' की पंक्ति 'वन्दना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो, हो जहाँ बलि शीश अगणित एक सिर मेरा मिला लो' स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सबसे अधिक प्रेरणा गीत था।

अच्युतानंद जी ने डांडी यात्रा का उल्लेख करते हुए लिखा है-

“गाँधी जी ने 12 मार्च 1930 को अपने 76 सत्याग्रही कार्य कर्त्ताओं के साथ साबरमती आश्रम से 200 मील दूर दांडी मार्च किया था। भारत में पद यात्रा, जनसंपर्क और जनजागरण की ऋषि परम्परा मानी जाती है। उस यात्रा पर अंग्रेजी सत्ता को ललकारते हुए सोहनलाल जी ने कहा था -”या तो भारत होगा स्वतंत्र, कुछ दिवस रात के प्रहरों पर या शव बनकर लहरेगा शरीर, मेरा समुद्र की लहरों पर, हे शहीद, उठने दे अपना फूलों भरा जनाजा। आज दांडी मार्च के उत्सव में सोहनलालजी का जिक्र कहीं है?”

हजारी प्रसाद द्विवेदी, जो कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सोहनलाल जी के सहपाठी थे, उन्होंने सोहनलाल द्विवेदी जी पर एक लेख लिखा था-

“विश्वविद्यालय के विद्यार्थी समाज में उनकी कविताओं का बड़ा गहरा प्रभाव पडता था। उन्हें गुरूकुल महामना मदनमोहन मालवीय का आशीर्वाद प्राप्त था। 
अपने साथ स्वतंत्रता संग्राम में जूझने के लिए नवयुवकों की टोली बनाने में वे सदा सफल रहे भाई सोहनलालजी ने ठोंकपीट कर मुझे भी कवि बनाने की कोशिश की थी, छात्र कवियों की संस्था 'सुकवि समाज' के वे मंत्री थे और मै संयुक्त मंत्री, बहुत जल्दी ही मुझे मालूम हो गया कि यह क्षेत्र मेरा नहीं है, फिर भी उनके प्रेरणादायक पत्र मिलते रहते थे। यह बात शायद वे भी नहीं जानते थे कि हिन्दी साहित्य की भूमिका ‘मैने उन्हीं के उत्साहप्रद पत्रों के कारण लिखी थी।”

सन् 1941 में देश प्रेम से लबरेज भैरवी, उनकी प्रथम प्रकाशित रचना थी। उनकी महत्वपूर्ण शैली में पूजागीत, युगाधार, विषपान, वासन्ती, चित्रा जैसी अनेक काव्यकृतियाँ सामने आई थी। उनकी बहुमुखी प्रतिभा तो उसी समय सामने आई थी जब 1937 में लखनऊ से उन्होंने दैनिक पत्र 'अधिकार' का सम्पादन शूरू किया था। चार वर्ष बाद उन्होंने अवैतनिक सम्पादक के रूप में “बालसखा” का सम्पादन भी किया था। देश में बाल साहित्य के वे महान आचार्य थे।

1 मार्च 1988 को राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी चिर निंद्रा में लीन हो गए।

ASSIGNMENT-
क. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 कवि व्यक्ति को कहाॅ न जाने की बात कह रहा है?
प्रश्न 2 कभी मझधार को देखकर क्या न करने की सीख दे रहा है?
प्रश्न 3 कवि क्या तोड़ने के लिए कह रहा है?
प्रश्न 4 कवि व्यक्ति के उठने के क्या लाभ बता रहा है?‌

ख. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 3 प्रगति पथ पर बढ़ने की बात कभी किन लोगों के संबंध में कह रहा है?
प्रश्न 4 भाव स्पष्ट कीजिए।

क अब तुम्हें आकाश में उड़ने न दूॅगा, आज धरती पर बसाने आ रहा हूं।
ख. बिंदु बनकर मैं तुम्हें ढलने न दूॅगा सिंधु वन तुम को उठाने आ रहा हूॅ ।
ग. पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें *सुख नहीं यह नींद में सपने सॅजोना, दुख नहीं यह, शीश पर गुरु भार ढोना। शूल तुम जिसको समझते थे अभी तक फूल मैं उसको बनाने आ रहा हूॅ।

प्रश्न 1 क्या सुख नहीं है?
प्रश्न 2 क्या दुख नहीं है?
प्रश्न 3 शूल को क्या बनाने की बात कर रहा है?

घ. निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें।
1. अतल   2. अस्ताचल   3. अरूण   4. उदयाचल   5. शूल

ड०. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें-
1. बेखबर    2. अनुभव    3. मझधार    4. आशावादी     5. विपथ
6. संकल्प   7. प्रगति       8. कल्पना   9. सिहरकर      10. उत्साह
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 R/10                                                          
 27 / 07 / 2021, 29 / 07 / 2021 
विषय हिन्दी
पाठ का नाम- महेंद्र सिंह धोनी

पाठ प्रवेश प्रस्तुत पाठ विश्व प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित है ।महेंद्र सिंह धोनी के जीवन को लेकर भारतीय फिल्म निर्माता श्री अरुण पांडे ने महेंद्र सिंह धोनी के नाम से निर्देशक नीरज पांडे के निर्देशन में एक भव्य फिल्म का निर्माण किया है ।यह फिल्म 30/9/ 2016 को पूरे भारतवर्ष में प्रदर्शित की गई है।
ASSIGNMENT:
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दें-
प्रश्न 1 धोनी का जन्म कब और कहां हुआ?
प्रश्न 2 धोनी के पिता का नाम क्या है?
प्रश्न 3 रांची में धोनी के विद्यालय का क्या नाम था?
प्रश्न 4 धोनी फुटबॉल टीम में क्या रह चुके हैं?

ख. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 धोनी का पूरा नाम क्या है?
प्रश्न 2 धोनी से पहले किस क्रिकेट खिलाड़ी को भारतीय सेना का सम्मान मिला है?
प्रश्न 3 धोनी की पत्नी का क्या नाम है?

ग. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 धोनी किस हाथ से खेलते हैं ?धोनी किस प्रकार की शैली के बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं?
प्रश्न 2 धोनी किस खिलाड़ी के प्रशंसक हैं? वे आदर्श खिलाड़ी किसे मानते हैं?
प्रश्न 3 अपने शुरुआती दिनों में धोनी ने कैसी परिस्थितियों का सामना किया व इसका क्या परिणाम निकला?
प्रश्न 4 उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी कब मिली व अपनी कप्तानी में उन्होंने टीम के खेल से जीत के रूप में क्या परिवर्तन दिखलाया?

घ. निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें
1. आक्रामक
2. विरुद्ध
3. सर्वाधिक
4. स्वाद
5. पराजित
6.आदर्श
7. विद्वान
8.कौशल
9. आलोचना
10.जन्मजात

ड०. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. आक्रामक
2. बल्लेबाज
3. प्रेरणा
4. प्रयास
5. प्रभावित
6. झारखंड
7. कप्तान
8. समालोचना
9. ज्ञानी
10. निपुणता
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 R/9                                                          
 20 / 07 / 2021, 22 / 07 / 2021 
विषय- हिन्दी
पाठ का नाम- अनोखी हड्डी

पाठ प्रवेश- अनोखी हड्डी पाठ में कथाकार ने मनुष्य के ऐसे शत्रु से परिचय करवाया है ।जिसके कारण ऐसा लगता है जैसे जीवन में अभावों के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है। मनुष्य मात्र का प्रबल शत्रु है उसका लोभ। लोभ की कोई सीमा नहीं है। अहंकार विवेक को नष्ट कर देता है ।अहंकार में डूबा व्यक्ति हित अहित के बारे में सोचने की शक्ति खो देता है। वह पूरी तरह से स्वार्थी हो जाता है ।यदि उसके हाथ में सत्ता या शक्ति होती है, तो वह उसका दुरुपयोग करने से भी नहीं चूकता है।

लेखक परिचय- भीष्म साहनी

रावलपिंडी पाकिस्तान में जन्मे भीष्म साहनी (८ अगस्त १९१५- ११ जुलाई २००३) आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्तंभों में से थे। १९३७ में लाहौर गवर्नमेन्ट कॉलेज, लाहौर से अंग्रेजी साहित्य में एम ए करने के बाद साहनी ने १९५८ में पंजाब विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की। भारत पाकिस्तान विभाजन के पूर्व अवैतनिक शिक्षक होने के साथ-साथ ये व्यापार भी करते थे। विभाजन के बाद उन्होंने भारत आकर समाचारपत्रों में लिखने का काम किया। बाद में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) से जा मिले। इसके पश्चात अंबाला और अमृतसर में भी अध्यापक रहने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में साहित्य के प्रोफेसर बने। १९५७ से १९६३ तक मास्को में विदेशी भाषा प्रकाशन गृह (फॉरेन लॅग्वेजेस पब्लिकेशन हाउस) में अनुवादक के काम में कार्यरत रहे। यहां उन्होंने करीब दो दर्जन रूसी किताबें जैसे टालस्टॉय आस्ट्रोवस्की इत्यादि लेखकों की किताबों का हिंदी में रूपांतर किया। १९६५ से १९६७ तक दो सालों में उन्होंने नयी कहानियां नामक पात्रिका का सम्पादन किया। वे प्रगतिशील लेखक संघ और अफ्रो-एशियायी लेखक संघ (एफ्रो एशियन राइटर्स असोसिएशन) से भी जुड़े रहे। १९९३ से ९७ तक वे साहित्य अकादमी के कार्यकारी समीति के सदस्य रहे।
भीष्म साहनी
भीष्म साहनी
भीष्म साहनी को हिन्दी साहित्य में प्रेमचंद की परंपरा का अग्रणी लेखक माना जाता है।[1] वे मानवीय मूल्यों के लिए हिमायती रहे और उन्होंने विचारधारा को अपने ऊपर कभी हावी नहीं होने दिया। वामपंथी विचारधारा के साथ जुड़े होने के साथ-साथ वे मानवीय मूल्यों को कभी आंखो से ओझल नहीं करते थे। आपाधापी और उठापटक के युग में भीष्म साहनी का व्यक्तित्व बिल्कुल अलग था। उन्हें उनके लेखन के लिए तो स्मरण किया ही जाएगा लेकिन अपनी सहृदयता के लिए वे चिरस्मरणीय रहेंगे। भीष्म साहनी हिन्दी फ़िल्मों के जाने माने अभिनेता बलराज साहनी के छोटे भाई थे। उन्हें १९७५ में तमस के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार१९७५ में शिरोमणि लेखक अवार्ड (पंजाब सरकार), १९८० में एफ्रो एशियन राइटर्स असोसिएशन का लोटस अवार्ड, १९८३ में सोवियत लैंड नेहरू अवार्ड तथा १९९८ में भारत सरकार के पद्मभूषण अलंकरण से विभूषित किया गया। उनके उपन्यास तमस पर १९८६ में एक फिल्म का निर्माण भी किया गया था।
ASSIGNMENT -
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दें-
प्रश्न 1 पाठ में किस राजा का वर्णन किया गया है?
प्रश्न 2 महाराज कहां गए थे और वे रास्ता क्यों भूल गए?
प्रश्न 3 वृद्ध ने महाराज से क्या मांगा ?
प्रश्न 4 लड़ाई का अंत कैसे हुआ?

लघु उत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1 महाराज को क्या शौक था?
प्रश्न 2 वृद्ध का महाराज से मिलने का क्या उद्देश्य था?
प्रश्न 3 पशु पक्षी झील में वापस क्यों लौटने लगे?

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 महाराज के पुलकित होने का क्या कारण था?
प्रश्न 2 पाठ से मछुआरों के विषय में क्या जानकारी मिलती है?
प्रश्न 3 महाराज की सेना मछुआरों को  नहीं हरा सकी ।क्यों?
प्रश्न 4 पाठ के आधार पर उदयगिरी महाराज की चारित्रिक विशेषताएं लिखिए?

निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें-
1. महाराजाधिराज
2. क्षितिज
3. आखेट
4. जलराशि
5. क्षत-विक्षत
6. कराल
7. छद्मवेष
8. निधि
9. रत्ती भर
10. दुन्दुभि

निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. अवस्था
2. अंधकार
3. स्वाधीन
4. स्वीकृति
5. प्रकाश
6. क्षितिज
7. दुंदुभी
8. लज्जित
9. एकटक
10. शिविर
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VIDEO 1

 R/8                                                          
 13 / 07 / 2021, 15 / 07 / 2021 
विषय हिन्दी
पाठ का नाम -लक्ष्य जीवन का 
पाठ प्रवेश - पाठ में लेखक द्वारा मनुष्य को अपने जीवन का लक्ष्य अपनी योग्यता व रूचि के अनुसार चुनने के लिए बताया गया है अपने लक्ष्य की प्राप्ति में आने वाली बाधाओं पर भी मनुष्य को विजय प्राप्त करनी चाहिए।
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पाठ के मुख्य बिंदु - सफलता पाने के लिए किसी विशेष प्रयत्न से अधिक आवश्यकता है यह तय करने कि आखिर हम किस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं। कमजोर से कमजोर प्राणी भी अपनी शक्तियों को एक लक्ष्य पर केंद्रित कर उपलब्धि प्राप्त कर सकता है। संसार के जो व्यक्ति अपने जीवन लक्ष्य मानवता को आधार बनाकर चुनते हैं ।वह महान होते हैं उनके विचार और काम समय की सीमा पार कर अमर हो जाते हैं। वह अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत बन जाते हैं ऐसे व्यक्ति दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होते हैं ।उनके चरित्र की आभा उनके मुख से झलकती है। यदि आप श्रम पूर्वक सही मार्ग में पसीना बहाओगे तो सफलताएं मुसकराकर गले लगाएंगी। लक्ष्य मंजिल बन जाएगा और आपका जीवन सफल हो जाएगा।

ASSIGNMENT-
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें 
प्रश्न 1 मंजिल का सही समय पर चुनाव क्यों आवश्यक है?
प्रश्न 2 रूचि क सफलता से क्या संबंध है?
प्रश्न 3 सफलता प्राप्ति के लिए क्या करना अनिवार्य है?
प्रश्न 4 कैसे व्यक्ति को महान माना गया है और क्यों?

ख. गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
सफलता पाने के लिए भी किसी विशेष प्रयत्न से अधिक आवश्यकता है यह तय करने कि आखिर हम किस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं ।कमजोर से कमजोर प्राणी भी अपनी शक्तियों को एक लक्ष्य पर केंद्रित कर उपलब्धि प्राप्त कर सकता है। अर्जुन का लक्ष्य भेद मशहूर है उन्होंने पेड़ पर रखी लकड़ी की चिड़िया की एक आंख को लक्ष्य मानकर धनुष से बाण छोड़ा ।निरंतर टपकने वाले झरने की बूंदे भी शिलाओं का सीना चीर देती है ।सब शक्तियों को मिलाकर एक और लगाने से सफलता स्वयं ही हमारे चरण चूमेगी।
1. हम अपने लक्ष्य की उपलब्धि कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
2. अर्जुन का लक्ष्य क्या था?
3. सभी शक्तियों को मिलाकर एक और लगाकर काम करने से क्या होगा?

ग. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1 लक्ष्य सिद्धि का मुख्य आधार क्या है?
प्रश्न 2 संकल्प दृढ़ हो तो क्या नहीं हो सकता? आशय स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 3 लक्ष्य किस प्रकार मंजिल बन सकता है?

घ. निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें-
1. संचार
2. संगम
3. केंद्रित
4. लक्ष्यभेद
5. मंजिल
6. अभाव
7. दूभर
8. विचरते
9. प्रेरणा
10. संकल्प

ड०. निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें
1. प्रस्तुत
2. निरंतर
3. संगम
4. मंजिल
5. मशहूर
6. कल्पना
7. प्रतीक्षा
8. बहुमूल्य
9. अत्यंत
10. आत्मविश्वास

 R/7                                                          
 06 / 07 / 2021, 08 / 07 / 2021 
विषय - हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - वाक्य विचार
ASSIGNMENT -
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें -
प्रश्न 1. उद्देश्य और विधेय की उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए।
प्रश्न 2 वाक्य क्रम से किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 3 वाक्य के उदाहरण सहित परिभाषा दीजिए।
प्रश्न 4 रचना की दृष्टि से वाक्य के कितने भेद होते हैं? उदाहरण सहित बताइए।

निम्नलिखित वाक्यों के दो दो उदाहरण लिखिए।
1. विस्मय वाचक वाक्य
2. संदेह वाचक वाक्य
3. इच्छा वाचक वाक्य
4. विधि वाचक वाक्य
5. निषेध वाचक वाक्य

रिक्त स्थानों को भरे
1. रचना की दृष्टि से वाक्य के _________ भेद होते हैं।
2. सम्बोधन _________ मे आता है।
3. क्रिया विशेषण _________ से पहले आता है।
4. तुम खाना खा लो _________ वाक्य है।
5. शब्दों का लिंग वचन पुरुष एवं काल के अनुसार मेल _________ कहलाता है।

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 R/6                                                          
 15 / 06 / 2021, 17 / 06 / 2021 
विषय हिन्दी 
पाठ का नाम - अंधेर नगरी
ASSIGNMENT 
क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
प्रश्न १ अंधेर नगरी का राजा कौन था?
प्रश्न २ इस नगरी को अंधेर नगरी क्यों कहा गया है?
प्रश्न ३ महंत ने ऐसी क्या बात महाराज से कहीं की सभी फाॅसी पर चढ़ने को कहने लगे ?
प्रश्न ४ महंत और राजा के चरित्र की दो दो विशेषताएं लिखिए।

ख. गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
कल कोतवाल को फाॅसी का हुक्म हुआ था ।जब फाॅसी देने जा रहे थे तो फाॅसी का फंदा बड़ा निकला क्योंकि कोतवाल साहब दुबले हैं ।हम लोगों ने यह बात महाराज से कही ।इस पर हुक्म हुआ कि किसी मोटे आदमी को फाॅसी दे दो क्योंकि बकरी मरने के अपराध में किसी ना किसी को फाॅसी की सजा होनी जरूरी है नहीं तो भला न्याय कैसे होगा ।
१. फाॅसी का हुक्म किसको हुआ था?
२. कोतवाल साहब सेहत से कैसे थे?
३. फाॅसी किसको मारने के अपराध में दी जा रही थी ।

 R/5                                                          
 01 / 06 / 2021,  03 / 06 / 2021 08 / 06 / 2021, 10 / 06 / 2021 
विषय - हिन्दी 
पाठ का नाम - अगर नाक न होती
ASSIGNMENT:-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें -
प्रश्न 1 नाक से जुड़े तीन मुहावरे बताइए ।
प्रश्न 2 नाक की कोई दो अच्छाइयाँ बताइए ।
प्रश्न 3 नाक के दो प्रकार बताइए ।
प्रश्न 4 नाक पर  दो वाक्य लिखिए ।

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
जिस प्रकार अँगूठा दिखाने, आँख दिखाने ,दांत दिखाने, पीठ दिखाने आदि के मुहावरे प्रचलित हैं। दुर्भाग्य कहें या सौभाग्य नाक दिखाने का कोई मुहावरा नहीं है ।हाँ ,यदि नाक बीमार पड़ जाए तो कोई कितना ही नक्कू क्यों न हो उसे भी मजबूर होकर नाक दिखाने के लिए किसी नाक वाले डॉक्टर की शरण में भागना पड़ता है ।
प्रश्न 1. क्या क्या दिखाने के मुहावरे प्रचलित हैं ?
प्रश्न 2. शरीर के किस अंग को दिखाने का मुहावरा नहीं है ?
प्रश्न 3. नाक के बीमार होने पर नक्कू को भी कहाँ भागना पड़ता है ?

निम्नलिखित शब्दों के शब्द अर्थ लिखें -
1 .मुहाल 
2. औकात
3. पत्रम-पुष्पम
4. इल्जाम 
5. फुरेरी

 R/4                                                          
 25 / 05 / 2021 - 28 / 05 / 2021 
विषय - हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - शब्द विचार
शब्द की उत्पत्ति वर्णों से होती है दो या दो से अधिक वर्णों के मिलाने से शब्द बन जाता है कभी-कभी तो बदलो के मिलाने से ऐसा संयोग होता है कि उसका कुछ ना कुछ अर्थ होता है परंतु कभी-कभी इन का अर्थ स्पष्ट नहीं होता वर्णों के मेल को ही शब्द कहा जाता है।

शब्द के भेद - शब्द मुख्यता चार प्रकार के होते हैं।
1. अर्थ की दृष्टि से
2. व्युत्पत्ति की दृष्टि से
3. भाषा की दृष्टि से
4. प्रयोग एवं व्याकरण की दृष्टि से

अर्थ की दृष्टि से शब्द दो प्रकार के होते हैं।
1. सार्थक शब्द
2. निरर्थक शब्द

व्युत्पत्ति की दृष्टि से शब्द तीन प्रकार के होते हैं।
1. रूढ़ शब्द
2. योगक शब्द
3. योगरूढ़ शब्द

भाषा की दृष्टि से शब्द चार प्रकार के होते हैं।
1. तद्भव शब्द
2. तत्सम शब्द
3. देशज शब्द
4. विदेश सचिव

प्रयोग एवं व्याकरण की दृष्टि से शब्दों को दो भागों में बांटा गया है।
ASSIGNMENT ÷
प्रश्न 1 शब्द की परिभाषा लिखें।
प्रश्न 2 व्युत्पत्ति के आधार पर शब्दों के कितने भेद हैं ?
प्रश्न 3 देशज और विदेशी शब्द में अंतर बताइए ।
प्रश्न 4 योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं ?

 R/3                                                          
 17 / 05 / 2021 -  21 / 05 / 2021 
विषय - हिन्दी
पाठ का नाम - अपराजिता
पाठ की व्याख्या

निम्नलिखित कठिन शब्दों को लिखें 
1. विलक्षण
2. विच्छिन्न
3. विधाता
4. अभिशप्त
5. नतमस्तक
6. नियति
7. आघात
8. मेधावी
9. उत्फुल्ल
10. कण्ठगत

ASSIGNMENT
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रश्न 1. पिछले महीने लेखिका ने किसे देखा ?
प्रश्न 2. लेखिका डॉक्टर चंद्रा की कहानी सुनकर दंग क्यों रह गई ?
प्रश्न 3. डॉक्टर चंद्रा लेखिका से क्या करने के लिए कहती थी ?
प्रश्न 4. डॉक्टर चंद्रा को डॉक्टरेट कब और किस विषय में मिली ?
प्रश्न 5. लेखिका ने पास वाली कोठी में कार से किसे उतरते देखा ?

 R/2                                                          
  10 / 05 / 2021 -  13 / 05 / 2021  
विषय - हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - वर्ण विचार

वर्ण - भाषा की सबसे छोटी इकाई को वर्ण कहते हैं।
वर्णमाला किसी भी भाषा में निश्चित किए गए वर्णों के पूर्ण समूह को वर्णमाला कहते हैं ।
वर्ण भेद - भाषा की ध्वनियों का उच्चारण होठों से लेकर गले तक के विभिन्न उच्चारण अवयवों की सहायता से होता है उच्चारण की दृष्टि से वर्णों  के दो भेद माने जाते हैं

1. स्वर्  वर्ण

2 व्यंजन वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण अपने आप होता है अर्थात जिनके बोलने में अन्य वर्णों की सहायता नहीं ली जाती है उन्हें स्वर वर्ण  कहते हैं स्वरों की संख्या 11 होती है ।
स्वर वर्ण तीन प्रकार के होते हैं।
1. हस्व स्वर
2. दीर्घ स्वर
3. प्लुत स्वर

जिन वर्णों के उच्चारण के समय मुँह से निकलने वाली वायु के मार्ग में कोई रुकावट पैदा होती है उन्हें व्यंजन कहते हैं।
हिंदी में मूल रूप से 33 व्यंजन होते हैं। संयुक्त व्यंजन तथा अन्य  को मिलाकर इनकी संख्या 39 होती है।

 R/1                                                          
  03 / 05 / 2021 -  06 / 05 / 2021   
विषय - हिन्दी व्याकरण
पाठ का नाम - भाषा, लिपि और व्याकरण

1. भाषा जिस साधन से हम अपने विचार बोलकर या लिखकर प्रकट करते हैं तथा दूसरों के विचारों को सुनकर या पढ़कर समझ लेते हैं वह साधन ही भाषा है ।

भाषा के भेद
1. मौखिक भाषा (उच्चरित)
2. लिखित भाषा
3. सांकेतिक भाषा
बोली किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है जैसे भोजपुरी ब्रजभाषा अवधी आदि भारत में लगभग 600 से अधिक बोलियां बोली जाती है।
व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा के शुद्ध रूप का ज्ञान कराता है।

व्याकरण के विभाग
1. वर्ण विचार
2. शब्द विचार
3. वाक्य विचार
लिपि प्रत्येक भाषा को लिखने का ढंग अलग अलग होता है इसके लिए मुख दवारा उच्चारण की गई ध्वनियों को लिखने के लिए प्रत्येक भाषा में कुछ विशेष चिन्हों का प्रयोग किया जाता है।

ASSIGNMENT ÷
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दे
प्रश्न 1 भाषा किसे कहते है ? इसके प्रकार के नाम लिखिए ।
प्रश्न 2. भारत में बोली जाने वाली किन्हीं छःभाषाओं के नाम लिखिए ।
प्रश्न 3 भाषा और बोली में अंतर बताइए ।
प्रश्न 4 लिपि किसे कहते है ?
प्रश्न 5.  व्याकरण किसे कहते हैं? इसके कितने विभाग हैं ।